विभागीय योजना/विकास कार्यों की अद्यावधिक प्रगति रिपोर्ट
जिला योजना वर्ष 2025-26
| क्र0 स0 | मद/योजना का नाम | वित्तीय प्रगति | भौतिक प्रगति | ||||||
| वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुमोदित परिव्यय | अवमुक्त धनराशि | क्रमिक व्यय | (व्यय प्रतिशत%) | मद | इकाई (Unit) | लक्ष्य | क्रमिक प्रगति | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | |
| 1 | जिला सैक्टर रेशम उत्पादन प्रचार प्रसार |
53.00 | 48.00 | 48.00 | 100 | पालित कीटाण्ड मात्रा | डी0एफ0एल0 | 71000 | 71500 |
| रेशम कोया उत्पादन | किग्रा0 | 33000 | 32957 | ||||||
| कीटपालक परिवार | संख्या | 1500 | 1245 | ||||||
| रेशम ग्राम | सख्या | 160 | 130 | ||||||
Outcome/उपलब्धिया
1- वर्तमान में राजकीय एवं सामुदायिक उद्यानों में 9-5 एकड़ एवं व्यक्तिगत क्षेत्र में 943-5 एकड़ क्षेत्रफल में कृषकों की निजी भूमि पर शहतूत सम्पदा उपलब्ध।
2- रेशम कीटपालन कार्य हेतु 1245 रेशम कीटपालक परिवारों को जोड़ा गया है।
3- 1245 रेशम कीटपालक परिवारों द्वारा बसन्त फसल 2025 और मानसून फसल 2025 में 71500 डी0एफ0एल0 कीटपालन कर 32957 किलोग्राम रेशम कोया उत्पादन कर आय अर्जित की गई है।
4- वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 1245 रेशम कीटपालक परिवारों में से 776 महिला कीटपालक परिवारों द्वारा रेशम कोया उत्पादन कर आय अर्जित की गई है।
5- वर्ष 2025-26 में जनपद के कीटपालकों द्वारा औसतन 26-50 किलोग्राम रेशम कोया उत्पादित कर औसतन रू0 13250-00 प्रति कीटपालक आय अर्जित की गयी ।
6- वर्ष 2025-26 में ग्रामीण क्षेत्रों में कीटपालन कार्य से 44500 मानव दिवस प्रत्यक्ष रोजगार सृजन कार्य किया गया।