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उत्तराखण्ड राज्य की प्रथम मानव विकास रिपोर्ट से सम्बन्धित एक दिवसीय कार्यषाला आज कलक्टेªट सभाागार में सम्पन्न हुई।

Publish Date: 20-11-2017

रूद्रपुर 20 नवम्बर- उत्तराखण्ड राज्य की प्रथम मानव विकास रिपोर्ट से सम्बन्धित एक दिवसीय कार्यषाला आज कलक्टेªट सभाागार में सम्पन्न हुई। जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा अब तक किये गये विकास कार्यो का पी0पी0टी0 के जरिये प्रस्तुतिकरण किया गया । कार्यषाला को मानव विकास संस्थान नई दिल्ली से आये हुये प्रो0 आईसी अवस्थी व रिसर्च स्कालर आई एचडी सुबोध कुमार ने डाटा प्रेजेन्टेषन के जरिये विभागों द्वारा प्रदर्षित की जा रही प्रगति का अवलोकन किया । श्री अवस्थी ने जिला स्तरीय अधिकारियों से जनपद में आजीविका,रोजगार सृृजन एवं तकनीकी आदि के साथ ही चिकित्सा,षिक्षा,आवास तथा आर्थिकी के सम्बन्ध में व्यापक विचार विमर्ष किया। उन्होंने कहा कि कार्यषाला का मुख्य ध्येय है कि अधिकारियों को विकास कार्यो के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाईयों को जानना है ताकि उनका समाधान निकाला जा सके। उन्होंने मनरेगा,कृशि,उद्यान,मत्स्य,दुग्ध,रेषम आदि विभागों द्वारा तैयार की गई प्रगति का जायजा लिया तथा सम्बन्धित अधिकारियों से विभागीय कार्यो के बेहतर तरीके से सम्पादित करने में आ रही कठिनाईयों को भी जाना। श्री अवस्थी ने कहा कि उत्तरारखण्ड प्रदेष प्राकृतिक संषाधनों से सम्पन्न है यहां के वन,पर्यटन स्थल,नदिया,ं जल,जडी-बूटियां, उद्यान आदि के क्षेत्र में प्रगति की अपार सम्भावनायें यदि उनका समुचित दोहन किया जा सके तो प्रदेष रोजगार के क्षेत्र में आत्म निर्भर बन सकता है। वही हाइड्रोपावर का इस्तेमाल ठीक से किया जाय तो अच्छी तरक्की की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकना,रोजगार,बेहत्तर षिक्षा की उपलब्धता भी चुनौती है इस लिहाज से सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर बेहतर कार्य करना होगा।  रिसर्च स्कालर सुबोध कुमार ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र की अपेक्षा तराई व भावर क्षेत्र में विकास दिखायी देता है । उधमसिंह नगर इण्डस्ट्रीयल हब के रूप में विकसित हुआ है किन्तु अभी भी आम व्यक्ति को विकास से जोडने की चुनौती है। इसलिये इस ओर भी अधिक प्रयास करने की आवष्यकता है। उन्होने कहा कि वेहतर षिक्षा एवं षुद्ध पेयजल भी जनता को उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिता में षामिल हो।  

सीडीओ आलोक कुमार पाण्डेय ने कार्यषाला को सम्बोधित करते हुये अधिकारियों को निर्देष दिये कि जनपद के काषीपुर व जसपुर में भूमिगत जल स्तर कम होना चिंता का विशय है, लिहाजा पानी के संवर्द्धन हेतु तालाब निर्माण एवं जल संचय के लिये लोगों में जागरूकता पैदा करनी होगी। उन्होने रेषम विभाग के अधिकारी से कहा कि रेषम उत्पादन कार्यो में महिला स्वयं सहायता समूहों को बुनकरों के रूप में जोडा जाय। 

       डीडीओ अजय ंिसंह ने मनरेगा के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यो की प्रगति प्रस्तुत की। उन्होने कहा कि मनरेगा के तहत जनता द्वारा कार्य मागें जाने पर 100 दिन का कार्य दिया जा रहा है। इसके अलावा बाढ नियंत्रण एवं अन्य निर्माण कार्य भी किये जा रहे है। उन्होने कहा कि मनरेगा के अन्तर्गत 175 रूपये प्रतिदिन मजदूरो को मजदूरी दी जा रही है जो बहुत कम है। मजदूरी में बढोतरी किया जाना अवष्यक है। साथ ही योजना के अन्तर्गत मजदूरो की उम्र का मानक तय नही है।  मुख्य कृशि अधिकारी डा0 अभय सक्सेना द्वारा विभागीय कार्यो की प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होने कहा विभाग द्वारा न्याय पंचायतवार कृशि कार्यक्रमों को चलाया जा रहा है। उन्होने बताया वर्श 2018 तक सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य उद्यान अधिकारी डा0 रामेष्वर सिंह ने किसान हित में अपनी विभागीय योजनाओं के साथ ही हाल्टीकल्चर मिषन के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यो का उल्लेख किया। रेषम विभाग के अधिकारी ने अपने विभाग के प्रगति प्रस्तुत की। उन्होने बताया कि वर्श 2016-17 में 22 मी0टन रेषम कोया का उत्पादन किया गया। जनपद के चार विकास खण्डो के अन्तर्गत रेषम योजना संचालित की जा रही है। उन्होने बताया कि विभाग के पास अपनी रेषम नर्सरी हेतु भूमि नही है। मत्स्य विभाग के एसके छिमवाल ने अपने विभाग की प्रगति प्रस्तुत की। उन्होने कहा कि विभागीय योजनाओ के क्रियान्वयन हेतु  समय पर धनराषि उपलब्ध न होने से कार्यो के सम्पादन मे कठिनाई आती है। प्रो0 आईसी अवस्थी ने विभागों की प्रगति प्रस्तुतिकरण के अवलोकन करने के उपरान्त अधिकारियों से कहा कि वह समय-समय पर अपनी योजनाओं का अनुश्रवण के साथ ही मूल्यांकन भी करें ताकि वास्तविक लाभार्थियो की स्थिति व योजनाओ के क्रियान्वयन की सही स्थिति मालूम हो सकें। 

       कार्यषाला में सीडीओ आलोक कुमार पाण्डेय समेत पीडी हिमांषु जोषी,डीडीओ अजय सिंह,मुख्य षिक्षा अधिकारी डा0पीएन सिंह,सहाय गन्ना आयुक्त धरमवीर सिंह, मुख्य कृशि अधिकारी डा0 अभय सक्सेना,मत्स्य विभाग के एसके छिमवाल,डीपीआरओ विद्या सिंह सोमनाल,डीपीओ अखिलेष मिश्रा,मुख्य उद्यान अधिकारी डा0 रामेष्वर सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी आदि मौजूद थे।