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किसान बन्धु की बैठक जिलाधिकारी डाॅ0 नीरज खैरवाल की अध्यक्षता में कलकट्रेट सभागर में सम्पन्न हुई।

Publish Date: 03-05-2017

रुद्रपुर 02 मई - किसान बन्धु की बैठक जिलाधिकारी डाॅ0 नीरज खैरवाल की अध्यक्षता में कलकट्रेट सभागर में सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों के विकास के लिए सरकारी योजनाओं की कमी नहीं है किन्तु जागरुकता के अभाव में व भ्रश्टाचार के कारण किसान बन्धु योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। जिलाधिकारी ने सम्बधित अधिकारियों को निर्देष दिये कि किसानों के लिए जितनी भी योजनाएं संचालित हैं उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय ताकि हर पात्र किसान योजनाओं का भरपूर लाभ ले सके। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रश्टाचार बदाष्र्त नहीं किया जायेगा इसलिए योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्षिता के साथ किया जाय। जिलाधिकारी ने किसानों से कहा कि यदि उनके पास किसी भी विभाग के भ्रश्टाचार में संलिप्त होने के पुख्ता सुबूत हैं तो वे उसकी षिकायत लोक षिकायत केन्द्र के दूरभाश न0-05944-250719 पर दर्ज करवायें ताकि सम्बन्धित के खिलाफ तत्काल ही जाचं कर कार्यवाही सुनिष्चित की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि षिकायतों के समाधान हेतु एक सप्ताह के भीतर ही वाट्सअप नम्बर भी जारी किया जायेगा ताकि षिकायतकर्ता उस पर षिकायत सम्बन्धी फोटोग्राफ भी भेज सकें। जिलाधिकारी ने किसानों से कहा कि उनकी वर्ग-04 , वर्ग-03 एवं वर्ग-01(ख) भूमि  सम्बन्धी मामलों का निस्तारण कार्य तहसीलवार षिविर लगाकर किया जा रहा है जिसे षीघ्र ही पूर्ण कर लिया जायेगा। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह षाह को निर्देष दिये कि जिस भूमि मामले का निस्तारण किसी कारण वष नहीं हो पाता है तो निस्तारण न होने सम्बन्धी कारणों की जानकारी सम्बन्धित किसान को लिखित रुप में उपलब्ध करा दी जाय। जिलाधिकारी ने बताया कि भूमि के विवादित मामलों की सुनवाई के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारी की कमेटी का गठन किया गया जो प्रत्येक सप्ताह में एक दिन ऐसे मामलों की सुनवायी कर निस्तारित करेगी। बैठक में किसानों द्वारा गत वर्श के धान मूल्य का भुगतान न किये जाने का मुद्दा उठाया गया। जिस पर जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि गत वर्श के कुल 18 करोड बकाया में से लगभग 17 करोड रुपये प्राप्त हो गये हैं जिसे एक सप्ताह के भीतर किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को उनका बकाया प्राप्त नहीं होता है तो वे फोन न0- 8191801922 पर भुगतान की जानकारी प्राप्त कर लें।  किसानों द्वारा यह मुद्दा भी उठाया गया कि यदि उनके द्वारा एक से अधिक बैकों से फसल लोन लिया जाता है तो प्रीमीयम हर उस बैंक द्वारा काट लिया जाता है जिससे वह लोन ले रहे हैं जबकि प्रीमयिम एक ही बैंक द्वारा काटा जाना चाहिए। इस पर लीड बैंक अधिकारी ने बताया कि एक ही भूमि पर एक से अधिक बैंकों से फसल लोन लेना गैरकानूनी है यदि किसान एक से अधिक बैंक से लोन लेगा तो उसका उतने ही बैंकों द्वारा प्रीमीयम भी काटा जायेगा। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य कृशि अधिकारी पीके सिंह को निर्देष दिये कि किसानों से फसल लोन सम्बन्धी समस्या विशय पर सभी बिन्दु एकत्रित कर बीमा कम्पनी को प्रेशित किये जायें व बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि को बुलाकर किसानांे को फसल बीमा योजना की सम्पूर्ण जानकारी बारीकी से उपलब्ध करायी जाय ताकि किसान फसल बीमा योजना के बावत सही जानकारी प्राप्त कर योजना का समुचित लाभ ले सकें। साथ ही किसानों हेतु हेल्पलाईन नम्बर भी जारी किया जाय। किसानों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि मण्डियों में मण्डी सचिवों द्वारा किसानांे के उत्पादों की बोली नहीं लगवायी जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने मण्डी सचिवांे को निर्देष दिये कि किसानों के उत्पाद का विक्रय बोली लगवाकर किया जाय नहीं तो पुनः इस प्रकार की षिकायत मिलने पर सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। किसानों द्वारा यह षिकायत भी की गई कि दिनेषपुर मटकोटा मार्ग की नालियों की ऊंचाई खेत के लेबल से अधिक है जिससे खेतों के में भरे जल की निेकासी नहीं हो पाती है और फसल को नुकसान पहुंचता है। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य कृशि अधिकारी को ईई पीडब्लयूडी व ईई आरडब्लयूडी के साथ सडंक किनारे बनी नालियों की जांच के निर्देष दिये। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देष दिये कि सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं में लाभार्थियों का चयन गांव की खुली बैठकों में किया जाय। उन्होंने मुख्य पषु चिकित्साधिकारी को निर्देष दिये कि किसानों को पषुओं हेतु दवाईयां पषु चिकिध्तसालय से उपलब्ध करायी जाय, यदि चिकित्सालय में दवा उपलब्ध नहीं है तो पषु चिकित्साधिकारी लिखकर प्रमाणित करे। उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को निर्देष दिये कि सडकों के किनारे हाट बाजार नहीं लगने चाहिए। हाट बाजारों हेतु स्थानों के चिह्नीकरण की कार्यवाही एक माह में पूर्ण कर ली जाय। उन्होंने ईई सिचाई को निर्देष दिये कि जनपद में लिकेज हो रही नहरांे का मरम्मत कार्य षीघ्र ही पूर्ण करा लिया जाय। वहीं जिलाधिकारी ने किसानों से आग्रह किया कि वे गन्ने की मिडिल लेट वेराईटी के स्थान पर अरली वेराईटी बोये इससे जहां चीनी मिलों को फायदा होगा वहीं किसानों को भी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि जनपद पषुपालन, डेरी एवं फिषरी के क्षेत्र में पिछडा है। जनपद के किसान इस क्षेत्र में भी उत्पादन बढायें ताकि जनपद उत्पादन के हर क्षेत्र में अग्रणी रहे। उन्होंने कहा कि जनपद में भूमि का जल स्तर गिरता जा रहा है इसलिए किसान मनरेगा के अन्तर्गत जल संवर्धन कार्य करें। उन्होंने किसानों से कहा कि उनके द्वारा वाह्नों में ओवरलोडिंग न की जाय ताकि जनपद में हो रही सडक दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। 

    बैठक में सीडीओ आलोक कुमार पाण्डेय, एडीएम प्रताप सिंह षाह, मुख्य कृशि अधिकारी पीके सिंह, एआर सहकारिता मानसिहं, सहासक गन्ना आयुक्त धर्मवीर सिहं, ईई लोनिवि केसी पंत, ईई सिचाई संजय राज, किसान बन्धु देवदयाल सिंह, सुखदेव सिंह, सुच्चा सिंह, बलदेव सिंह, साधु सिंह, मनदीप सिंह, आरपी सिंह, सविन्दर सिंह सहित अन्य किसान बन्धु व विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।