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जिलाधिकारी डा0 नीरज खैरवाल की अध्यक्षता मे एपीजे अब्दुल कलाम सभागार मे आईआरएस (इंसीडेंट रिसपांस सिस्टम) के अन्तर्गत राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, उत्तराखण्ड के सहयोग से कार्यशाला का आयोजन किया गया।

Publish Date: 29-04-2017

रुद्रपुर 28 अप्रैल- जिलाधिकारी डा0 नीरज खैरवाल की अध्यक्षता मे एपीजे अब्दुल कलाम सभागार मे आईआरएस (इंसीडेंट रिसपांस सिस्टम) के अन्तर्गत राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, उत्तराखण्ड के सहयोग से कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला मे आईआरएस की कार्यप्रणाली व नामित अधिकारियो की भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारियां दी गई। जिलाधिकारी ने कहा आईआरएस कार्यप्रणाली के अन्तर्गत जनपद स्तरीय अधिकारियो को जो दायित्व सौपे गये है, वह उनका निर्वहन कर्तव्य निष्ठा के साथ करें। उन्होने कहा बार-बार कार्यशालाओ व माॅक ड्रिलो के आयोजन से जहां हमे अपने संसाधनो का पता चलेगा वही जो हमारी कमियां रहेंगी उन्हे दूर किया जा सकता है। उन्होने कहा आपदा के समय जन हानि को कम करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होने कहा हमारा आईआरएस आपदा के समय जितनी शीघ्र सक्रिय होगा, हम फील्ड मे उतनी जल्दी राहत कार्य कर सकते है। जिलाधिकारी ने कहा आपदा के समय सूचनाओ का आदान-प्रदान त्वरित गति से हो इसके लिए प्रत्येक ग्रामवार ग्राम प्रधान अन्य ग्रामवासियों फील्ड मे कार्य करने वाले एएनएम, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, आशा वर्कर के मोबाइल नम्बर आपदा प्रबन्धन केन्द्र मे होने आवश्यक है।

         आईआरएस विशेषज्ञ बीबी गणनायक ने बताया आईआरएस भारत सरकार के द्वारा एक ऐसी विकसित प्रणाली है, जिसके तहत राज्य सरकार बेहद गम्भीर है। उन्होने कहा सम्भावित आपदाओ व उसके प्रबन्धन के दृष्टिगत जनपद के अधिकारियो को जो कार्य करने है, उसकी पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। उन्होने कहा आपदा के समय जिनको राहत कार्यो मे जाने हेतु नामित किया गया है, उनके नही आने पर सजा का प्राविधान भी रखा गया है। उन्होने कहा आपदा के समय राहत कार्यो हेतु कोई भी फोर्स या अन्य टीम आती है, वह जिलाधिकारी/रिस्पासेंबल आफिसर के नियंत्रण मे कार्य करेगी। उन्होने कहा यदि सभी नोडल अधिकारियो को अपने कार्यो की जानकारी होगी तो कार्य त्वरित गति से होगा। उन्होने कहा आपदा के समय जिन क्षेत्रो मे आपदा आती है, हर टीम के साथ एक सुपरवाईजर होना आवश्यक है। आपदा के समय सभी अधिकारी समन्यवय बनाकर कार्य करे। उन्होने फील्ड मे नियुक्त किये जाने वाले सुपरवाईजरो द्वारा किये जाने वाले कार्यो की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई। कार्यशाला के बाद टेबल टाॅक व माॅक ड्रिल से सम्बन्धित जानकारियां दी गई।

         कार्यशाला मे अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह शाह, इला गिरी, मुख्य कोषाधिकारी तृप्ति श्रीवास्तव, एसडीएम युक्ता मिश्रा, पंकज उपाध्याय, नरेश दुर्गापाल, विनोद कुमार, विजय शंकर शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी विपिन कुमार, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी डा0 अनिल शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।