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12-07-2017

Under Section/Module : News

जिलाधिकारी ने निर्देष दिये कि क्लीनीकल स्टेब्लिषमेंट एक्ट-2010 के तहत नैदानिक स्थापनों का रजिस्ट्रेषन कराया जाना आवष्यक है

Publish Date: 12-07-2017

रुद्रपुर 11 जुलाई - जिलाधिकारी डाॅ0 नीरज खैरवाल ने जनपद के सभी सीएचसी व पीएचसी के अधिकारियों सहित सभी प्राईवेट अस्पतालों, नर्सिंग होमों, पैथोलाॅजी लेब एवं अल्ट्रासाउण्ड संेन्टरों के संचालकों के साथ कलकट्रेट सभागार में बैठक का आयोजन कर उन्हें क्लीनीकल स्टेब्लिषमेंट एक्ट-2010(नैदानिक स्थापन रजिस्ट्रीकरण व विनियमन अधिनियम), प्रसव पूर्व लिंग चयन निशेध अधिनियम(पीसीपीएनडीटी)-1994 एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के सम्बन्ध में आवष्यक दिषा निर्देष दिये। जिलाधिकारी ने निर्देष दिये कि जनपद में स्थित  सभी प्राईवेट अस्पतालों, नर्सिंग होमों, पैथोलाॅजी लेब एवं अल्ट्रासाउण्ड संेन्टरों के संचालकों को निर्देष दिये कि वे 01 सप्ताह के भीतर क्लीनीकल स्टेब्लिषमेंट एक्ट-2010 के तहत अपने नैदानिक स्थापनों का रजिस्ट्रेषन अवष्य करवा लें ताकि झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध कार्यवाही अमल में लायी जा सके। उन्होंने कहा कि क्लीनीकल स्टेब्लिषमेंट एक्ट-2010 के तहत नैदानिक स्थापनों का रजिस्ट्रेषन कराया जाना आवष्यक है इसलिए जो नैदानिक स्थापन रजिस्टर्ड नहीं होगें उनके विरुद्ध प्रषासनिक कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने निर्देष दिये कि नैदानिक स्थापनों के संचालक/चिकित्सक अपनी डिग्री सहित एक्ट के तहत नैदानिक स्थापन सम्बन्धी जिन आवष्यकताओं पूर्ण कर लिया गया है और जिन आवष्यकताओं को अभी पूर्ण किया जाना षेश है उसका सम्पूर्ण विवरण मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करा दें। जनपद में गिरते लिंगानुपात पर चिकित्सकों/संचालकों का ध्यान आकर्शित करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देष दिये कि सभी चिकित्सा संस्थान प्रसव पूर्व लिंग चयन निशेध अधिनियम(पीसीपीएनडीटी)-1994 का कडाई से अनुपालन करें। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराध नहीं होने चाहिए। उन्होने कहा कि जो अल्ट्राासउण्ड केन्द्र इस तरह के परीक्षण चोरी-छिपे कर रहे हैं उसकी सूचना दी जाये। सुचना देने वाले का नाम गोपनीय रखते हुए सम्बन्धित अल्ट्रासाउण्ड संचालक के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा जनपद में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का सफल क्रियान्वयन हो व जनपद का गरीब वर्ग जनद में स्थापित सरकारी व प्राईवेट चिकित्सालयों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें इसके लिए अधिक से अधिक प्राईवेट चिकित्सालय मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा में अपना रजिस्ट्रेषन कराये। उन्होंने सीएमओ को निर्देष दिये कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के जुडे जिन चिकित्सालयों की धनराषि का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है इसकी समीक्षा कर भुगतान हेतु कार्यवाही करंें। उन्होंने चिकित्सकों से कहा यदि वे निश्पक्ष रुप से समाज सेवा करेगंे प्रषासन उनके साथ है। चिकित्सकों द्वारा अपनी समस्याओं के बारे में जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। 

      बैठक में सीएमओ आरके पाण्डे, एसीएमओ अविनाष खन्ना, इण्डियन मेडिकल ऐषासिएषन उधमसिंह नगर षाखा के अध्यक्ष डाॅ0 रंजीत सिंह गिल व सेके्रटरी नीलेष गुप्ता सहित जनपद के विभिन्न स्थानो से आये नैदानिक स्थापन संचालक उपस्थित थे।