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13-06-2017

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खरीफ किसान संगोश्ठी 2017 आज विकास भवन सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष ईष्वरी प्रसाद गंगवार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई ।

Publish Date: 13-06-2017

रूद्रपुर 13 जून- खरीफ किसान संगोश्ठी 2017 आज विकास भवन सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष ईष्वरी प्रसाद गंगवार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । विकास खण्डवार सम्पन्न होने वाली खरीफ गोश्ठी में रूद्रपुर विकास खण्ड क्षेत्र के लगभग 120 किसानों ने प्रतिभाग किया। यह खरीफ गोश्ठी 14 जून को विकास खण्ड खटीमा/जसपुर में ,15 जून को सितारगंज गदरपुर,16 जून को काषीपुर एव ंबाजपुर विकास खण्ड सभागार में गोश्ठी आयेाजित की जायेगी जिसमें सम्बन्धित विभागों एवं पंतनगर कृशि एवं प्रौद्योंगिक वि0वि0के कृशि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को नवीनतम कृशि पद्धति,उपकरण,उर्वरक,उन्नत बीज आदि की जानकारी दी जायेगी। इस मौके पर विकास भवन परिसर में उद्यान पषुपालन,कृशि,मत्स्य,रेषम,गन्ना एवं जय गुरूदेव एग्रीकल्चर इण्डस्ट्रीज,किसान टेªडिग क0 आदि द्वारा अपने स्टाल लगाकर किसानों को जानकारियां दी गई। काष्तकारों द्वारा गोश्ठी में जंगली जानवरों सहित पालतू आवारा पषुओं द्वारा किसानों को हो रहे नुकसान की तथा आबारा पषुओं के लिये खोड बनाये जाने की बात रखी। 

 जिला पंचायत अध्यक्ष ईष्वरी प्रसाद गंगवार ने अपने सम्बोधन में कहा कि गोश्ठी में दी गई जानकारियों से किसान अवष्य लाभान्वित होगे। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों एवं कृशि वैज्ञानिकों से कहा कि गन्ना बुवाई से पूर्व एक बैठक किसानों के साथ अवष्य कर ली जाय ताकि गन्ना किसानों को उन्नन खेती के टिप्स दिये जा सके। उन्होंने कहा कि ब्लाक स्तर पर आयेाजित होने वाली खरीफ गोश्ठी में कृशि वैज्ञानिकों के साथ ही समबन्धित विभागों के अधिकारी भी अवष्य प्रतिभाग करें ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लघु काष्तकार भी खेती,पषुपालन,उद्यानीकरण आदि की नई तकनीक अपना सकंें। उन्होंने किसानों की खाद की समस्या के निदान के लिये ढैंचा हरी खाद समेत अन्य हरी घास वाली खाद उत्पादन पर जोर दिया। 

जिलाधिकारी डाॅ0 नीरज खेैरवाल ने कहा कि संगोश्ठी में किसानों द्वारा जो सुझाव दिये गये है उन्हें षासन को सन्दर्भित किया जायेगा। उन्होंने कृशि वैज्ञानिकों एवं कृशि विभाग के अधिकारियों से कहा कि वह किसानों को नई कृशि पद्धति के साथ ही उचित फसल चक्र की जानकारियां उपलब्ध कराये। उन्होंने कहा कि हमें इस प्रकार का सामजन्स्य बनाना होगा कि किसानों का भी हित हो और उनके उतपाद बढने के साथ ही देष में खुषहाली भी हो। डीएम द्वारा वाटर लेबिल के घटते स्तर पर चैक डैम का निर्माण,जलाषयों की सिल्ट हटाने एवं वाटर कंजर्वेषन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल संजय सभी के लिये महत्वपूर्ण बिन्दु है,पानी की बरवादी कम से कम हो तथा संचय अधिक से अधिक हो। उन्होंने कहा कि नगर व ग्राम स्तर पर वाटर कंजवेंषन के कार्य किये जाय। किसानों,कृशि वैज्ञानिकों और खेती के तौर तरीकों ,प्रकृति से तालमेल जरूरी है तभी हमारा पर्यावरण भी षुद्ध होगा तथा कृशि भी उन्नत होगी। उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी पीके सिंह को निर्देष दिये कि वह गोश्ठियों,बैठकों में किसानों को कृशि बीमा की जानकारी अवष्य दें। डीएम ने किसानों को जानकारी दीे कि उनकों षोशण से बचाने के लिये हैल्प लाइन नं0 05944-250250 संचांलित किया गया है वे किसी भी प्रकार की षिकायत उस पर दर्ज करा सकते है। विकास कार्यो का अनुश्रवण करने के लिये उप जिलाधिकारी की अध्यक्षत कमेटी गठित कर दी गई है तथा 390 ग्राम पंचायतों के लिये अधिकारी नामित कर दिये वे अधिकारी गांवों में जाकर योजनाओं की जानकारी लेंगे तथा ग्रामीणों की समस्या को देखेगे और उनका निराकरण करंेगे । स्वच्छ भारत मिषन योजना के अन्तर्गत बनाये गये षौचालयों के  भुंगतान के सम्बन्ध में उन्होंने सीडीओ आलोक कुमार पाण्डेय को निर्देष दिये कि जिन लोगों को षौचालयों का भुगतान होना है उनको पत्र भेजकर आष्वत कर दें 30 करोड की धनराषि का भुगतान केन्द्र में लंबित है यह धनराषि प्राप्त होते ही उनके षौचालय निर्माण का भूगतान कर दिया जायेगा। उन्होंने लाभार्थियों से कहा कि जिनके षौचालय अधूरे पडे हेै उन्हें वह पूर्ण कर लें,षौचालय का उपयोग ,पानी की टंकी आदि भी बनी होनी चाहिये। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि लाभार्थी से कोई जनप्रतिनिधि अथवा सरकारी अधिकारी कर्मचारी कमीषन आदि की बात करना है तो वह अपनी षिकायत हैल्प लाइन नं0 अथवा लिखित रूप में कर सकते है। इस मामले में दोशी पाये गये अधिकरिया/कर्मचारीं आदि पर निष्चित रूप में कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने चेतावनी भी दी कि षिकायत भ्रामक अथवा गलत न होने पाये अन्यथा षिकयत कर्ता पर भी कार्यवाही की जायेगी। संगोश्ठी को कृशि वैज्ञानिक डाॅ0 सी तिवारी,डाॅ0 केए कर्नाटक,डाॅ0 एके षेखर,डा0 विष्वनाथ,डाॅ0 रामजी मौर्य,डा0 किषन राज,मुख्य उद्यान अधिकारी नरेन्द्र कुमार यादव ने भी कृशकों को उर्वरक,कीटनाषक,उन्नत बीज,नई कृशि तकनीक,किसान योजनाओं की जानकारी दी गई । 

गोश्ठी का संचालन मुख्य कृशि अधिकारी पीके सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि किसान गोश्ठियों का मकसद किसानों को नई कृशि तकनीक,उपकरण आदि की जानकारी देकर उनकी कृशि को उन्नत एवं उत्पाद को बढाया दिया जाना है। उन्होंने बताया कि राश्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिषन के तहत कलस्टर प्रदर्षन आयोजित करना कृशि निवेषों, बीज,सुक्ष्म पोशक तत्व,जैव उर्वरकों व कृशि रक्षा रसायन 50 प्रतिषत अनुदान पर उपलब्ध कराना एवं कृशि यंत्रों पर सब्सिडी जारी करना हेै । उन्होंने बताया कि कृशि निवेषों का वितरण प्रत्येक न्याय पंचायत पर स्थित कृशि निवेष केन्द्रों से किया जाता है । 

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमर पाण्डेय,मुख्य कृशि अधिकारी पीके सिंह,एसके नय्यर,विधायक प्रतिनिधि संजय ठुकराल,उत्पल दीक्षित व सम्बन्धित विभागों के अधिकारी तथा रूद्रपुर विकास खण्ड से आये हुये बडी संख्या में प्रगतिषील काष्तकार व कृशि वैज्ञानिक उपस्थित थें।