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20-04-2017

Under Section/Module : News

उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम-2011 के अन्तर्गत आज कलक्टेªट सभागार में पदाभिहीत अधिकारी एवं अपीलीय अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों हेतु ओरियेन्टेषन कार्यषाला को आयोग के आयुक्त डीएस गब्र्याल ने सम्बोधित किया।

Publish Date: 20-04-2017

रूद्रपुर 20 अप्रेल-उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम-2011 के अन्तर्गत आज कलक्टेªट सभागार में पदाभिहीत अधिकारी एवं अपीलीय अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों हेतु ओरियेन्टेषन कार्यषाला को आयोग के आयुक्त डीएस गब्र्याल ने सम्बोधित किया। श्री गब्र्याल ने बताया कि आयोग का गठन 2014 से हुआ है। अधिकारियों को आयोग के अधिनियमों एवं कार्यो की पर्याप्त जानकारी हो इसलिये इस कार्यषाला का आयोजन किया गया है। उनहोंने बताया कि अभी आयोग में 70 विभागों की 150 सेवाओं को षामिल किया गया है तथा और अधिक सेवाओं व विभागों को षामिल किये जाने के प्रयास किये जा रहे। उन्होंने बताया कि आयोग का मकसद के कि आम जन को षासकीय सेवाओं सुविधायें का निर्धारित समय सीमा के तहत लाभ मिलें और उनकी समस्याओं का आसानी से समाधान हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देष दिये कि वह आयोग की अवधारणा का व्यापक प्रचार प्रसार करें । उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आयोग के अन्तर्गत उन्हें जो सूचनायें प्रापत हो रही है उनका रखाव व संचरण समबद्धता के साथ हो । आयेग के अन्तर्गत जो कार्य हो रहा है उसमें और बेहतर तरीके से कार्य किये जाने पर जोर दिया गया। श्री गब्र्याल ने आयोग द्वारा जन सामान्य को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के विशय में पारदर्षिता तथा जवावदेही सुनिष्चित किये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रषासनिक सुधारों का आषय मूलतःनागरिकों को सुलभसता एवं सरलता तथा बिना किसी भेदभाव के सेवायें उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जो अधिनियम लागू किये गये है उनका मुख्य उददेष्य सुषासन को प्रबलता प्रदान करना है इस लिये जनपदीय प्रषासन को संवेदनषील एवं तत्पर रहना होगा। 

सेवा अधिकार अधिनिमय के सचिव पंकज नैथानी ने आयेाग के अन्तर्गत विभिन्न अधिनियम/धाराओं की जानकारी पदाभिहीत अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों को दी । उन्होंने बताया कि आयोग का गठन 2014 में करने के उपरान्त राज्य सरकार ने सेवा अधिकार अधिनियम को प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था में प्रदेष में की है । उन्होंने बताया कि आयोग ने विभिन्न अधिसूचित सेवाओं यथा गौरा देवी कन्या धन,जनश्री बीमा योजना आदि से सम्बन्धित मामलों के निस्तारण के दौरान उसके संज्ञान में आये बिन्दुओं को षासन को सन्दभ्रित किया है । नैथानी ने बताया कि आयोग के प्रयासों का प्रतिफल है कि राज्य सरकार ने 10 विभागों की 94 सेवाओं को बढाते हुये 17 विभागों की कुल 150 सेवाओं को सधिसूचित किया है । उन्होंने बताया कि आयोग में मुख्य आयुक्त के रूप में यादव कुमार जैन एवं सुभाश जोषी व डीएस गब्र्याल आयुक्त के पद तैनात/कार्यरत है । उन्होंने आयोग के नियमों की विस्तृृत जानकारी दी। उन्होने जिले के विभिन्न पदाभिहीत अधिकारियो एवं अपीलीय अधिकारियों को उनके कर्तव्यो के बारे में बताया उन्होने बताया कि  षिकायत कर्ता को पावती अवष्य देनी होगी तथा आवदनों को अनावष्यक रूप में टाल मटोली या लम्बित नही रखा जा सकता है तथा आवेदक को निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्या का अवष्य निस्तारण करना होगा। उन्होंने बताया कि आयेाग विभिान धाराओं में अपीलीय अधिकारी द्वारा जुर्माने का प्राविधान किया गया है।  

जिलाधिकारी डाॅ0 नीरत खैरवाल ने पदाभिहीत अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों से कहा कि कार्यषाला में सेवा के अधिकार अधिनियम के तहत जो टिप्ष उन्हे दिये गये है उनका क्रियान्वयन निर्धारित समय सीमा के तहत तत्पर्ता के साथ अधिकारियों द्वारा किया जाय। उन्होंने जिला मुख्यालय स्तर पर आयोग को जो प्रगति विवरण या अपील आदि का संचरण किया जाता है उसका निस्तारण सुव्यवस्थित तरीके से किया जाय। 

कार्यषाला में अपर आयुक्त संजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पाण्डे,डीडीओ अजय सिंह,सीएमओ एचके जोषी,आयोग के सहायक रजिस्ट्रार बद्री प्रसाद,ओसी कलक्ट्रेट  एनएस नबियाल, एसडीएम नरेष दुर्गापाल,युक्ता मिश्रा समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।