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20-04-2017

Under Section/Module : News

माॅक ड्रिल की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी डाॅ0 नीरज खैरवाल ने जिला स्तरीय इन्सीडेन्ट रिस्पोंस सिस्टम(आईआरएस) के अधिकारियों एवं वनाधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक कर आवष्यक दिषा निर्देष दिये।

Publish Date: 20-04-2017

रुद्रपुर 19 अप्रैल - वन क्षेत्रों में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने की कसरत के लिए 20 अप्रेल को जनपद के संजयवन, खटीमा एवं काषीपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली माॅक ड्रिल की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी डाॅ0 नीरज खैरवाल ने जिला स्तरीय इन्सीडेन्ट रिस्पोंस सिस्टम(आईआरएस) के अधिकारियों एवं वनाधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक कर आवष्यक दिषा निर्देष दिये। जिलाधिकारी ने निर्देष दिये कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करते हुए माॅक ड्रिल अभ्यास को सफल बनाये। उन्होंने कहा कि इन तीनों क्षेत्रों में माॅक ड्रिल योजना इस प्रकार से बनायी जाय जिसमें स्थानीय जनता को किसी प्रकार की असुविधाओं का सामना न करना पडें। ंजिलाधिकारी ने सीडीओ आलोक कुमार पाण्डेय एवं एडीएम प्रताप सिंह षाह को निर्देष दिये कि जनपद के तीनों क्षेत्रों के माॅक ड्रिल अभ्यास में प्रतिभाग करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी का निर्धारण कर सम्बन्धित अधिकारियों को उनके दायित्वों के बारे में जानकारी दे दी जाय ताकि वे माॅक ड्रिल अभ्यास के दौरान अपने दायित्वों का भलिभंाति निर्वह्न कर सके। जिलाधिकारी ने निर्देष दिये कि मानव व यांत्रिक संसाधनों के एकत्रीकरण व हस्तान्तरण हेतु स्टेजिंग एरिया मेनेजर सम्बन्धित क्षेत्र के उप जिलाधिकारियों को बनाया जाय एवं आॅपरेषन सेक्षन चीफ सम्बन्धित क्षेत्र के वनाधिकारियों(डीएफओ) को बनाया जाय। स्टेजिंग एरिया मे रिलिफ कैंप के साथ एंबूलेंस, प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने हेतु आवष्यक उपकरण व डाक्टरो की टीम, व आवष्यक औशधी, पानी के टेंकर, अग्निषमन वाहन, वायरलैस सैट, जेसीबी, पषुओ के इलाज हेतु वैटनरी की टीम व अन्य आपदा राहत हेतु आवयष्यक यन्त्र होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी आॅपरेषन सेन्टर जिला मुख्यालय पर ही बनाया जायेगा जहां से इन्सीडेन्ट कमाण्डर द्वारा सम्बन्धित क्षेत्र के अधिकारियों को वनाग्नि से निपटने के बावत आवष्यक कार्यवाही हेतु दिषा निर्देष जारी किये जायेगें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देष दिये कि वे माॅक ड्रिल अभ्यास को गम्भीरता से लेते हुए अपनी कार्यक्षमता को विकसित करें ताकि आवष्यकता पडने पर वह किसी भी क्षेत्र में घटित होने वाली किसी भी प्रकार की आपदाओं का बहादुरी से सामना कर सकें। उन्होंने कहा कि माॅक ड्रिल अभ्यास के माध्यम से अधिकारियों को अपनी कार्य क्षमता परखने के साथ ही अपने विभाग के अलावा अन्य विभागों में उपलब्ध मानव व यान्त्रिक संसाधनों की भी जानकारी मिलेगी तथा आवष्यकता पडने पर वे सम्बन्धित विभाग से सहयोग भी ले सकेगें। 

     बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह षाह, सीएमओ डा0 एचके जाषी, डीएफओ नीतिषमणि त्रिपाठी, चन्द्रषेखर सनवाल, कल्याणी, ओसी कलैक्ट्रेट एनएस नबियाल, एआरटीओ नन्द किषोर सहित आईआरएस सिस्टम से जुडे सभी अधिकारी उपस्थित थे।